हरिद्वार में सरकारी और निजी अस्पतालों के डेंगू वार्ड मरीजों से भरे

हरिद्वार, हरिद्वार में डेंगू के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। सरकारी और निजी अस्पतालों के डेंगू वार्ड मरीजों से भरे हैं। जिले के सबसे बड़े जिला अस्पताल का डेंगू आइसोलेशन वार्ड भी मरीजों से फुल हैं। मंगलवार 36 मरीजों की एलाइजा जांच में 16 में डेंगू की पुष्टि हुई है। डेंगू के नए मामले समेत जिले में डेंगू मरीजों की संख्या 141 हो गयी है। इधर स्वास्थ्य सचिव डा आर राजेश कुमार ने डेंगू के बढ़ते मामले को देखते सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।

ब्लड बैंकों में प्लेटलेट की पर्याप्त उपलब्धता को सीएमओ को अधिक से अधिक रक्तदान शिविर आयोजित कराने को निर्देशित किया गया है। युद्ध स्तर पर डेंगू का लार्वा नष्ट कराने के साथ आमजन को डेंगू का कारण, लक्षण और बचाव की जानकारी देने को जन जागरूकता अभियान तेज करने को भी निर्देशित किया गया है। जिले में डेंगू के बढ़ते मामलों ने स्वास्थ्य महकमे की पेशानी पर बल डाल दिया है।

डेंगू की चपेट में हरिद्वार के लोग

बड़ी संख्या में बुखार पीड़ित सरकारी अस्पतालों के अलावा निजी अस्पतालों में भर्ती हैं। रैपिड जांच में कइयों में डेंगू के लक्षण भी सामने आ रहे हैं। मंगलवार को 36 मरीजों की एलाइजा जांच में 16 में डेंगू की पुष्टि हुई है। नए मामले समेत जिले में डेंगू मरीजों की तादात 141 हो गयी है। इधर जिले के सबसे बड़े जिला अस्पताल का डेंगू आइसोलेशन वार्ड मरीजों से फुल हो चुका है। छह बेड के इस वार्ड में जगह न होने पर सीएमओ डा मनीष दत्त से प्रमुख अधीक्षक डा सीपी त्रिपाठी को छह बेड का अतिरिक्त डेंगू आइसोलेशन वार्ड बनाने को निर्देशित दिया। जिस पर प्रथम तल पर अतिरिक्त डेंगू वार्ड बनाया गया है।

अस्पताल में भरे पड़े हैं मरीज

अस्पताल के जनरल वार्ड में बड़ी संख्या में बुखार के मरीज भर्ती हैं। फिजिशियन और रेडियोलाजिस्ट के ड्यूटी ज्वाइन करने को लेकर संशय -जिला अस्पताल में फिजिशियन न होने से मरीज-तीमारदार परेशान जागरण संवाददाता, हरिद्वार: डेंगू मरीजों की बढ़ती तादाद के बावजूद जिले के सबसे बड़े जिला अस्पताल में फिजिशियन की तैनाती अभी तक नहीं हुई है। इससे मरीज परेशान हैं। वैकल्पिक व्यवस्था के तहत जीडीएमओ डा रामप्रकाश और डा स्वाति मरीजों का इलाज कर रहे हैं।

विशेषज्ञ चिकित्सकों ने ज्वाइन नहीं की ड्यूटी

इधर यू कोट वी पे स्कीम के तहत जल्द जिला अस्पताल को फिजिशियन और मेला अस्पताल को रेडियोलाजिस्ट मिलने की उम्मीद थी, लेकिन अब तक दोनों विशेषज्ञ चिकित्सकों ने ड्यूटी ज्वाइन नहीं की है। फिजिशियन के रूप में डा संदीप टंडन और रेडियोलाजिस्ट के रूप में पूर्व सीएमओ डा शंभू कुमार झा की नियुक्ति होनी थी। दोनों डॉक्टरों के ड्यूटी ज्वाइन करने को लेकर फिलहाल संशय बना है। बताया जा रहा है कि मानदेय कम होने के चलते दोनों चिकित्सकों ने स्कीम अंतर्गत सेवा देने में असमर्थता जतायी है। स्कीम के तहत जिले में छह डॉक्टरों की तैनाती होनी थी। इनमें रुड़की सिविल अस्पताल में एक सर्जन ने ड्यूटी ज्वाइन की है।

मेला अस्पताल में भर्ती हैं चार डेंगू मरीज

राजकीय मेला अस्पताल के डेंगू आइसोलेशन वार्ड में फिलहाल चार डेंगू के मरीज हैं। छह बेड के इस वार्ड के फुल होने पर मरीजों के लिए दूसरा आइसोलेशन वार्ड तैयार किया जाएगा। सीएमओ की ओर से इस संबंध में चिकित्सा अधीक्षक डा राजेश गुप्ता को दिशा निर्देश जारी किए गए हैं। इधर महिला अस्पताल में सुबह के वक्त करीब आधा घंटा बिजली गुल रहने से मरीज गर्मी और उमस से परेशान रहे। महिला अस्पताल के सीएमएस डा राजेश गुप्ता ने बताया कि जनरेटर का फ्यूज खराब होने के चलते इसे संचालित करने में थोड़ा विलंब हुए। करीब 20 से 25 मिनट बगैर बिजली के रहना पड़ा। ओटी समेत अन्य महत्वपूर्ण वार्ड इन्वर्टर आदि वैकल्पिक इंतजाम से लैस है।

कमेटी ने शुरू की मौत के कारणों की जांच

डेंगू से कनखल के राजा गार्डन निवासी 55 वर्षीय व्यक्ति की देहरादून के एक अस्पताल में हुई मौत के वास्तविक कारणों को जानने मंगलवार को सीएमओ डा मनीष दत्त के निर्देशन में गठित एक टीम पीड़ित के घर पहुंची। टीम ने अपनी रिपोर्ट सीएमओ को सौंप दी है। सीएमओ डा मनीष दत्त ने बताया कि रिपोर्ट का अवलोकन किया जा रहा है। प्रथम दृष्टया व्यक्ति को कई और बीमारियां होने की बात सामने आयी है। प्लेटलेट काउंट 35 से 40 हजार के आसपास था।

सीएमओ ने कही ये बात

डेंगू को लेकर सतर्कता बरती जा रही है। जिला अस्पताल में छह बेड का अतिरिक्त डेंगू आइसोलेशन वार्ड बनाने को निर्देशित किया गया है। जांच का दायरा बढ़ाने के साथ डेंगू का लार्वा नष्ट कराने को व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। प्लेटलेट आदि की पर्याप्त उपलब्धता को भी प्रयास जारी हैं। डा मनीष दत्त, सीएमओ, हरिद्वार

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.