मुख्य सचिव की अध्यक्षता में व्यय वित्त समिति की बैठक आयोजित, पांच प्रस्तावों को मिली मंजूरी

-सहसपुर में 326.64 करोड़ की जलाशय परियोजना और नैनीताल में 382.40 करोड़ के खैरना पेयजल प्रोजेक्ट को अनुमोदन

देहरादून। देहरादून। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में सचिवालय में व्यय वित्त समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में पेयजल एवं सिंचाई से संबंधित परियोजनाओं सहित विभिन्न विभागों के विकास कार्यों के प्रस्तावों पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में समिति के समक्ष कुल आठ प्रस्ताव प्रस्तुत किए गए, जिनमें से पांच प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की गई, जबकि तीन प्रस्तावों को आवश्यक समीक्षा एवं परीक्षण के लिए आरक्षित रखा गया। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसी भी परियोजना को तैयार करते समय उसके सभी चरणों और विभिन्न पहलुओं का विस्तृत अध्ययन सुनिश्चित किया जाए। परियोजना के लिए आवश्यक तकनीकी, भू-वैज्ञानिक, वित्तीय एवं प्रशासनिक सहमतियां समय से प्राप्त कर ली जाएं, ताकि स्वीकृति एवं क्रियान्वयन के दौरान अनावश्यक विलंब न हो। उन्होंने कहा कि परियोजनाओं की अनुमानित लागत निर्धारित करते समय वित्तीय प्रबंधन का विशेष ध्यान रखा जाए तथा भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए प्रस्ताव तैयार किए जाएं। यह सुनिश्चित किया जाए कि प्रस्तावों के विलंबित होने से परियोजनाओं की लागत में अनावश्यक वृद्धि न हो।
मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि अपरिहार्य परिस्थितियों को छोड़कर परियोजनाओं की लागत में वृद्धि के लिए दोबारा प्रस्ताव प्रस्तुत करने की स्थिति उत्पन्न न हो। यदि किसी अपरिहार्य कारण से लागत में वृद्धि का प्रस्ताव प्रस्तुत किया जाता है, तो उसमें लागत बढ़ने के प्रासंगिक कारणों के साथ संबंधित पक्षों की सहमति एवं आवश्यक अनुमोदन स्पष्ट रूप से दर्शाए जाएं।
उन्होंने परियोजनाओं के भौतिक सत्यापन को भी महत्वपूर्ण बताते हुए निर्देश दिए कि सत्यापन निर्धारित स्तर के सक्षम अधिकारियों एवं संबंधित अधिकृत एजेंसियों के माध्यम से ही कराया जाए, ताकि कार्यों की गुणवत्ता, पारदर्शिता और वित्तीय जवाबदेही सुनिश्चित हो सके।
बैठक में मुख्यमंत्री की घोषणा से संबंधित सिंचाई विभाग की सहसपुर स्थित 326.64 करोड़ की पंडित श्यामा प्रसाद मुखर्जी जलाशय परियोजना को अनुमोदन प्रदान किया गया। इसके अतिरिक्त नैनीताल जनपद में 382.40 करोड़ की खैरना बैराज पेयजल परियोजना को भी व्यय वित्त समिति की स्वीकृति मिली। दोनों परियोजनाएं क्षेत्र में विकास कार्यों को गति देने की दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं।
सिंचाई विभाग की मुख्यमंत्री घोषणा से संबंधित चैबट्टाखाल विधानसभा क्षेत्र के विकासखंड बीरोंखाल के अंतर्गत स्यूंसी झील निर्माण परियोजना तथा रुद्रप्रयाग शहर के मास्टर प्लान फेज-1 से संबंधित परियोजना की समीक्षा के निर्देश दिए गए।
रुद्रप्रयाग मास्टर प्लान के संबंध में मुख्य सचिव ने स्पष्ट निर्देश दिए कि ड्रेनेज प्लान तैयार करते समय यह सुनिश्चित किया जाए कि घरों से निकलने वाला गंदा पानी किसी भी स्थिति में सीधे नदी में प्रवाहित न हो। इसके लिए प्रभावी जल निकासी एवं अपशिष्ट जल प्रबंधन की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। बैठक में राज्य संपत्ति विभाग एवं लोक निर्माण विभाग से संबंधित मुख्यमंत्री घोषणा के अंतर्गत जनपद बागेश्वर में 13.15 करोड़ की लागत से सर्किट हाउस निर्माण कार्य को अनुमोदन प्रदान किया गया। इस परियोजना से जनपद में आवश्यक आधारभूत सुविधाओं के विकास को गति मिलने की उम्मीद है।
लोक निर्माण विभाग की राज्य योजना के अंतर्गत जनपद नैनीताल के विधानसभा क्षेत्र नैनीताल के विकासखंड बेतालघाट में दुनिघाट से रातिघाट (पाडली) तक श्री कैंची धाम बाईपास मोटर मार्ग के डामरीकरण एवं सुधारीकरण कार्य के लिए 21.81 करोड़ की लागत के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की गई। यह कार्य क्षेत्र में सड़क अवसंरचना के सुदृढ़ीकरण तथा आवागमन को सुगम बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण है। बैठक में शहरी विकास विभाग एवं नगर निगम हरिद्वार के अंतर्गत कुंभ मेला-2027 के लिए कंप्रिहेंसिव डेवलपमेंट ऑफ मैनपावर फॉर इंटीग्रेटेड सैनिटेशन ऑपरेशन से संबंधित 25 करोड़ की लागत के प्रस्ताव को अनुमोदन प्रदान किया गया।
मुख्य सचिव ने कुंभ मेला अधिकारी एवं संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि आउटसोर्सिंग के माध्यम से सेवाएं प्रदान करने वाली एजेंसियों तथा स्वच्छता कार्यों में नियोजित कार्मिकों के सत्यापन की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। इसके लिए बायोमेट्रिक सत्यापन सहित अन्य आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जाए, ताकि एजेंसियों एवं कार्मिकों की वास्तविक उपस्थिति और तैनाती का सटीक आकलन किया जा सके। उन्होंने निर्देश दिए कि सत्यापन व्यवस्था की प्रभावी निगरानी सुनिश्चित की जाए तथा आवश्यक जांच के उपरांत ही संबंधित एजेंसियों एवं कार्मिकों को भुगतान किया जाए। इससे कुंभ मेला-2027 के दौरान स्वच्छता व्यवस्था को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और जवाबदेह बनाया जा सकेगा।
बैठक में पर्यटन विभाग एवं लोक निर्माण विभाग से संबंधित श्री केदारनाथ धाम में समग्र आधारभूत संरचना, सबस्टेशन पैनल एवं अन्य कार्यों के निर्माण से जुड़े प्रस्ताव को आवश्यक समीक्षा के लिए आरक्षित रखा गया।
मुख्य सचिव ने दोनों विभागों एवं संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि परियोजना की बढ़ी हुई अतिरिक्त लागत का विस्तृत सत्यापन किया जाए। लागत वृद्धि के कारणों, कार्यों की वास्तविक आवश्यकता तथा अन्य संबंधित पहलुओं का परीक्षण करने के बाद संशोधित प्रस्ताव प्रस्तुत किया जाए, ताकि परियोजना के संबंध में नियमानुसार निर्णय लिया जा सके। मुख्य सचिव ने सभी विभागों को निर्देशित किया कि विकास परियोजनाओं के नियोजन एवं क्रियान्वयन में वित्तीय अनुशासन, तकनीकी गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। साथ ही, सभी आवश्यक औपचारिकताएं समय से पूरी करते हुए यह सुनिश्चित किया जाए कि स्वीकृत परियोजनाओं का लाभ निर्धारित समयावधि में आम जनता तक पहुंचे। बैठक में प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव लोक निर्माण विभाग  पंकज पांडेय, डॉ. आर. राजेश कुमार, नियोजन विभाग के श्रीधर बाबू अद्दांकी सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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