जीआईसी किशनपुर में स्तन कैंसर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

देहरादून। महिलाओं एवं किशोरियों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने और उन्हें आवश्यक स्वास्थ्य संबंधी जानकारी प्रदान करने के उद्देश्य से आज जीआईसी किशनपुर में स्तन कैंसर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में संजय ऑर्थोपेडिक स्पाइन एंड मैटरनिटी सेंटर, देहरादून की वरिष्ठ स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. सुजाता संजय ने छात्राओं को स्तन कैंसर, महिला स्वास्थ्य और मासिक धर्म स्वच्छता के विषय में महत्वपूर्ण जानकारी दी। इस अवसर पर छात्राओं को सैनिटरी नैपकिन भी वितरित किए गए।

डॉ. सुजाता संजय देहरादून ऑब्स्टेट्रिकल एंड गायनेकोलॉजिकल सोसाइटी की कोषाध्यक्ष भी हैं। वह महिलाओं के स्वास्थ्य, मातृ एवं शिशु कल्याण और स्वास्थ्य जागरूकता से जुड़े विषयों पर निरंतर कार्य कर रही हैं। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने छात्राओं को समझाया कि स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता ही बेहतर जीवन की दिशा में पहला कदम है। विशेष रूप से किशोरावस्था में सही जानकारी प्राप्त करना आवश्यक है, क्योंकि इसी समय शरीर में कई शारीरिक और हार्मोनल बदलाव होते हैं।

डॉ. सुजाता संजय ने स्तन कैंसर के विषय में जानकारी देते हुए बताया कि इस बीमारी के प्रति जागरूकता बढ़ाना अत्यंत महत्वपूर्ण है। स्तन में गांठ महसूस होना, आकार में असामान्य बदलाव, त्वचा में परिवर्तन, निप्पल में बदलाव या असामान्य स्राव जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। हालांकि, प्रत्येक गांठ कैंसर नहीं होती, फिर भी ऐसे किसी भी बदलाव की स्थिति में चिकित्सकीय सलाह लेना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि शुरुआती अवस्था में बीमारी की पहचान होने पर उपचार के बेहतर अवसर मिल सकते हैं। उन्होंने छात्राओं को यह भी समझाया कि स्तन कैंसर केवल अधिक उम्र की महिलाओं तक सीमित नहीं है और किसी भी संदिग्ध लक्षण को गंभीरता से लेना चाहिए।

उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य संबंधी विषयों पर खुलकर बातचीत करना जरूरी है। कई बार जानकारी की कमी, सामाजिक संकोच और जागरूकता के अभाव में महिलाएं अपनी समस्याओं को साझा नहीं कर पातीं। इस कारण बीमारी की पहचान और उपचार में देरी हो सकती है। इसलिए परिवार, विद्यालय और समाज को मिलकर ऐसा वातावरण तैयार करना चाहिए, जहां लड़कियां बिना झिझक स्वास्थ्य संबंधी प्रश्न पूछ सकें और उचित मार्गदर्शन प्राप्त कर सकें।

कार्यक्रम में मासिक धर्म स्वच्छता पर भी विशेष जोर दिया गया। डॉ. सुजाता संजय ने छात्राओं को बताया कि मासिक धर्म एक सामान्य प्राकृतिक प्रक्रिया है, जिसे लेकर किसी प्रकार का संकोच या गलत धारणा नहीं रखनी चाहिए। इस दौरान व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखना, सैनिटरी नैपकिन को नियमित अंतराल पर बदलना, उपयोग किए गए नैपकिन का उचित तरीके से निस्तारण करना और हाथों की साफ-सफाई का ध्यान रखना आवश्यक है। उन्होंने छात्राओं को सलाह दी कि मासिक धर्म से संबंधित किसी भी असामान्य परेशानी या अत्यधिक दर्द की स्थिति में चिकित्सकीय परामर्श लेने से पीछे न हटें।

इसी उद्देश्य को आगे बढ़ाते हुए कार्यक्रम के दौरान छात्राओं को सैनिटरी नैपकिन वितरित किए गए। यह पहल किशोरियों को मासिक धर्म स्वच्छता के प्रति जागरूक करने तथा उन्हें स्वास्थ्य की दृष्टि से आवश्यक संसाधनों के महत्व से परिचित कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास रही। विद्यालय स्तर पर इस तरह के कार्यक्रम छात्राओं को सही जानकारी देने के साथ-साथ उनमें आत्मविश्वास और स्वास्थ्य के प्रति जिम्मेदारी की भावना भी विकसित करते हैं।

डॉ. सुजाता संजय ने इस बात पर जोर दिया कि लड़कियों की शिक्षा के साथ उनके स्वास्थ्य पर ध्यान देना भी उतना ही आवश्यक है। स्वस्थ किशोरियां ही आगे चलकर स्वस्थ परिवार और जागरूक समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य शिक्षा को विद्यालयों में प्राथमिकता दी जानी चाहिए, ताकि छात्राएं कम उम्र से ही स्वच्छता, पोषण, शारीरिक बदलावों और बीमारियों के शुरुआती संकेतों के बारे में सही जानकारी प्राप्त कर सकें।

उन्होंने यह भी संदेश दिया कि महिलाओं के स्वास्थ्य को केवल व्यक्तिगत विषय न मानकर सामाजिक प्राथमिकता के रूप में देखा जाना चाहिए। स्तन कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए परिवारों, शिक्षण संस्थानों, स्वास्थ्य विशेषज्ञों और सामाजिक संगठनों को मिलकर प्रयास करने की आवश्यकता है। समय पर चिकित्सकीय परामर्श, सही जानकारी और स्वास्थ्य के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण अनेक समस्याओं से बचाव और बेहतर उपचार में सहायक हो सकते हैं।

जीआईसी किशनपुर में आयोजित यह कार्यक्रम छात्राओं को महिला स्वास्थ्य और स्तन कैंसर के प्रति जागरूक बनाने की दिशा में एक सार्थक पहल रहा। कार्यक्रम के माध्यम से उन्हें स्वास्थ्य संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करने के साथ मासिक धर्म स्वच्छता अपनाने के लिए भी प्रोत्साहित किया गया।

संजय ऑर्थोपेडिक स्पाइन एंड मैटरनिटी सेंटर, देहरादून की ओर से महिलाओं एवं किशोरियों के स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने के ऐसे प्रयास समाज में स्वास्थ्य शिक्षा को मजबूत करने और आने वाली पीढ़ी को जागरूक बनाने में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.