त्योहारी सीजन में खाद्य सुरक्षा विभाग का एक्शन तेज, राजपुर रोड के नामी कैफे-रेस्टोरेंट में छापेमारी

-राजपुर रोड के चार प्रतिष्ठानों में औचक निरीक्षण, पनीर-केक और पेस्ट्री के सैंपल जांच के लिए भेजे गए, नोटिस जारी
-खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई जारीः विनय शंकर पांडेय

देहरादून। त्योहारी सीजन में लोगों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के लिए खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने उत्तराखंड में छापेमारी अभियान तेज कर दिया है। मिलावटखोरी और खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन पर अंकुश लगाने के लिए विभाग की टीमें लगातार प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर रही हैं। इसी क्रम में रविवार, 18 अक्टूबर को देहरादून के राजपुर रोड स्थित कई कैफे और रेस्टोरेंट में औचक निरीक्षण किया गया। इस दौरान खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर जांच के लिए भेजे गए। विभाग ने स्पष्ट किया है कि खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी।
आयुक्त खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन, उत्तराखंड विनय शंकर पाण्डेय के निर्देशों पर एफडीए देहरादून की टीम ने राजपुर रोड क्षेत्र में अभियान चलाया। इस दौरान अमा कैफे, बर्लिन आदि रेस्टोरेंट का औचक निरीक्षण किया गया।निरीक्षण के दौरान खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच के उद्देश्य से पनीर, केक, हल्दी पाउडर और पेस्ट्री के नमूने एकत्र किए गए। इन नमूनों को प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजा जा रहा है। जांच रिपोर्ट के आधार पर खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुपालन की स्थिति स्पष्ट होगी। यदि किसी नमूने में निर्धारित मानकों का उल्लंघन पाया जाता है, तो संबंधित खाद्य कारोबारकर्ता के खिलाफ नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जा सकती है। त्योहारी सीजन में मिठाइयों, बेकरी उत्पादों, डेयरी पदार्थों और अन्य खाद्य सामग्री की मांग बढ़ जाती है। ऐसे में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता बनाए रखना और उपभोक्ताओं को मिलावट से बचाना विभाग की प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से शहर के प्रमुख बाजारों और खाद्य प्रतिष्ठानों पर निगरानी बढ़ाई जा रही है।
निर्देशों की अनदेखी पर तम्तारा कैफे के खिलाफ कार्रवाई
विभाग की कार्रवाई के दायरे में राजपुर रोड स्थित तम्तारा कैफे भी आया है। विभागीय जानकारी के अनुसार, 17 अक्टूबर को निरीक्षण के दौरान कैफे को बंद करने के निर्देश दिए गए थे। हालांकि, संबंधित खाद्य कारोबारकर्ता द्वारा इन निर्देशों का अनुपालन नहीं किया गया।इसके बाद विभाग ने संबंधित खाद्य कारोबारकर्ता के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 की धारा 55 और अन्य लागू प्रावधानों के तहत विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की है। यह मामला दर्शाता है कि विभाग केवल निरीक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि जारी निर्देशों के अनुपालन पर भी नजर रख रहा है। धारा 55 के तहत खाद्य सुरक्षा अधिकारी के निर्देशों का पालन नहीं करने पर नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई का प्रावधान है। विभाग का जोर इस बात पर है कि खाद्य कारोबार करने वाले सभी प्रतिष्ठान निर्धारित नियमों और सुरक्षा मानकों का पालन करें।
राज्यभर में जारी रहेगा अभियान
त्योहारी सीजन को देखते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग प्रदेशभर में खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच, नमूना संग्रह और नियमों के अनुपालन की निगरानी कर रहा है। विभागीय जानकारी के अनुसार, अब तक चलाए गए अभियान में बड़ी संख्या में नोटिस जारी किए गए हैं और विभिन्न मामलों में बंदी की कार्रवाई भी की गई है। विभाग की टीमें खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, स्वच्छता और निर्धारित मानकों के अनुपालन पर नजर रख रही हैं। नमूनों की प्रयोगशाला जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने संकेत दिया है कि अभियान आने वाले दिनों में भी लगातार जारी रहेगा।
आयुक्त विनय शंकर पाण्डेय का बयान
आयुक्त खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन उत्तराखंड विनय शंकर पाण्डेय के निर्देशों के क्रम में प्रदेशभर में अभियान चलाया जा रहा है। विभाग का उद्देश्य त्योहारी सीजन में आम जनता को सुरक्षित खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराना और खाद्य सुरक्षा मानकों का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित करना है। खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण, नमूने लेकर प्रयोगशाला जांच के लिए भेजने और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई करने की प्रक्रिया जारी रहेगी। विभागीय कार्रवाई का उद्देश्य खाद्य कारोबारकर्ताओं को निर्धारित मानकों के प्रति जवाबदेह बनाना और उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करना है। त्योहारी सीजन में जांच और प्रवर्तन की कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी।

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