प्रदेश की महिलाओं के लिए 1000 रुपये प्रतिमाह की महिला सम्मान राशि शुरू की जाएः आप

देहरादून। आम आदमी पार्टी प्रदेश अध्यक्ष ने प्रदेश सरकार पर महिलाओं के प्रति संवेदनहीन रवैया अपनाने का आरोप लगाया है। पार्टी ने कहा कि भाजपा सरकार न तो महिलाओं को आर्थिक सम्मान दे पा रही है, न सुरक्षा और न ही बेटियों को न्याय।
आज आम आदमी पार्टी उत्तराखंड के प्रदेश कार्यकाल में आयोजित पत्रकार वार्ता में पार्टी की कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष उमा गौड़ सिसौदिया ने प्रदेश सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि पंजाब में आप सरकार द्वारा पंजाब की हर महिला को 1000 रु व हर दलित महिला को 1500 रु प्रतिमाह सम्मान राशि दी जा रही है। जिससे पंजाब की महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत किया जा सके। पर उत्तराखंड में भाजपा ने चुनाव से पहले महिलाओं से जो वादा किया था, वह सत्ता में आते ही भूल गई। महंगाई के इस दौर में घर चलाने वाली माताओं-बहनों को धामी सरकार से न तो कोई मदद मिल रही। और ना ही सुरक्षा।
उन्होंने मांग है कि तत्काल राज्य सरकार द्वारा प्रदेश की महिलाओं को 1000 प्रतिमाह महिला सम्मान राशि शुरू की जाए।
महिलाओं की सुरक्षा के मुद्दे पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि एन सी आर बी के आंकड़े बताते हैं कि उत्तराखंड में महिलाओं के खिलाफ अपराध लगातार बढ़ रहे हैं। पहाड़ से मैदान तक बेटियां असुरक्षित हैं। पुलिस थानों में सुनवाई नहीं होती, हेल्पलाइन नंबर नहीं उठते। सरकार सिर्फ बेटी बचाओ के नारे लगा रही है, जमीन पर काम जीरो है।
पत्रकार वार्ता में अध्यक्षा उमा गौड़ सिसोदिया ने कहा की, अंकिता भंडारी हत्याकांड को 3 साल से ज्यादा हो गए हैं परन्तु आज तक टप्च् के नाम का खुलासा नहीं हुआ। इसके विपरीत अंकिता भंडारी हत्या कांड के सबूत मिटाए गए, तथा बुलडोजर चलाकर जांच प्रभावित की गई। अंकिता के माता-पिता आज भी इंसाफ के लिए दर-दर भटक रहे हैं। इससे साफ है कि सरकार बेटियों को न्याय नहीं, वी आई पी को बचाना चाहती है। आम आदमी पार्टी मांग करती है कि यथाशीघ्र सी बी आई जांच आरंभ करके दोषियों के नाम सार्वजनिक कर के उन्हें सजा दिलाई जाए।साथ ही उन्होंने कहा कि नीट परीक्षा लीक होने के कारण उत्तराखंड की एक होनहार बेटी ने आत्महत्या कर ली। एक परिवार का सपना टूट गया। पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस पर एक शब्द नहीं बोला और न ही पीड़ित परिवार से मिल कर आरोपियों पर कार्रवाई का भरोसा दिलाया। मुख्यमंत्री की ये चुप्पी उनकी सत्ता और संवेदनशीलता दोनों पर बड़ा प्रश्नचिन्ह है। उमा गौड़ सिसोदिया ने कहा कि धामी सरकार महिला विरोधी सरकार है। यहां न महिला को सम्मान मिलता है, न सुरक्षा और न न्याय। बेटियों के साथ अन्याय पर धाकड़ धामी चुप रहते हैं। उत्तराखंड की मातृशक्ति भाजपा को माफ नहीं करेगी। आज की प्रेस वार्ता के माध्यम से उन्होंने सरकार से मांग रखी कि पंजाब की तर्ज पर उत्तराखंड में भी घ्1000 प्रतिमाह महिला सम्मान राशि तत्काल शुरू हो,अंकिता भंडारी केस में वी आई पी का नाम उजागर कर फास्ट ट्रैक कोर्ट में 6 माह में सुनवाई पूरी हो ताकि गुनहगारों को शीघ्र सजा दी जा सके, नीट पेपर लीक के दोषियों को गिरफ्तार कर पीड़ित परिवार को घ्50 लाख मुआवजा व सरकारी नौकरी दी जाए तथा हर जिले में महिला सुरक्षा के लिए कमांड सेंटर बने और 112 हेल्पलाइन का रिस्पॉन्स टाइम 10 मिनट तय हो।
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