मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होने वाले परीक्षार्थियों को बरगलाने वालों को दो टूक चेतावनी दी

देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होने वाले परीक्षार्थियों को बरगलाने वालों को दो टूक चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि कई लोग ऐसे हैं, जो अपनी राजनीतिक जमीन बचाने के लिए नौजवानों का इस्तेमाल कर रहे हैं।

ऐसे लोग अब बचने वाले नहीं हैं। सख्त नकलरोधी कानून किसी को छोडऩे वाला नहीं है। उन्होंने कहा कि अफवाहों से कुछ छिप नहीं सकता। प्रदेश सरकार ने पारदर्शी तरीके से परीक्षा कराने की व्यवस्था बनाई है।

राज्य उत्कृष्ट उत्तराखंड बनने की ओर अग्रसर

सरकार का एक वर्ष का कार्यकाल पूरा होने के अवसर पर रेंजर्स मैदान में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आज राज्य उत्कृष्ट उत्तराखंड बनने की ओर अग्रसर है। सरकार ने हर क्षण यह प्रयास किया है कि प्रदेश के सामने जितनी भी चुनौतियां हैं, उन सभी का समाधान निकाला जाए और राज्य को विकास की राह पर आगे बढ़ाया जाए।

इस दौरान उन्होंने प्रदेश सरकार की भविष्य की योजनाओं को भी आमजन के साथ साझा किया। उन्होंने कहा कि सरकार उत्तराखंड को विकसित राज्य बनाने के लिए विकल्प रहित संकल्प की योजना के साथ आगे बढ़ रही है।

इसमें कुछ पड़ाव पार कर लिए गए हैं और कुछ पड़ाव पार करने शेष हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अपेक्षा के अनुसार उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के लिए राज्य सरकार पूर्ण रूप से संकल्पबद्ध है।

मुख्यमंत्री ने ये भी की घोषणाएं

  • राज्य में काश्तकारों को सहयोग देने के लिए मुख्यमंत्री औद्यानिकीकरण योजना।
  • जिलों में भूमि की उपलब्धता के आधार पर बनेंगे बाल क्रीड़ा स्थल।
  • पशुपालकों को सहयोग देने के लिए राज्य पशुधन मिशन की शुरुआत।
  • स्नातक छात्रों के लिए मुख्यमंत्री कौशल विकास व रोजगार योजना। विदेशों में रोजगार के अवसर वाले विषयों का दिया जाएगा प्रशिक्षण।
  • हर विधानसभा में एक-एक अमृत सरोवर अथवा झील का निर्माण, जिसे वाटर स्पोट्र्स केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा।
  • जिला सेवायोजन कार्यालयों को बनाएंगे स्वरोजगार केंद्र का नोडल कार्यालय।
  • श्रमिकों के बच्चों के लिए राज्यभर में खोले जाएंगे मोबाइल स्कूल।
  • ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में दिवालीखाल से गैरसैंण तक के सड़क मार्ग का होगा चौड़ीकरण।
  • लोकतंत्र सेनानी की मृत्यु पर विधवा पत्नी को मिलेगी पूरी 22 हजार रुपये पेंशन।
  • प्रदेश के लोकपर्व फूलदेई, उत्तरायणी, इगास, हरेला, बूढ़ी दिवाली को पहचान दिलाने के लिए बनेगी समेकित नीति।

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