नई टिहरी। घनसाली थाना क्षेत्र अंतर्गत द्वारी गांव में चोरी के मामले में जेल में बंद अभियुक्त की जमानत याचिका न्यायालय ने निरस्त कर दी है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट टिहरी रिंकी साहनी की कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि मामले के गुण-दोष पर कोई राय व्यक्त किए बिना प्रथम दृष्टया अभियुक्त को जमानत पर रिहा किए जाने का आधार पर्याप्त प्रतीत नहीं होता, इसलिए अभियुक्त सोनी उर्फ सोहन की ओर से प्रस्तुत जमानत प्रार्थना पत्र निरस्त किया जाता है।
अभियुक्त चोरी के मामले में 3 सितंबर 2026 से जिला कारागार में निरूद्ध है। अभियुक्त द्वारा जमानत पर छोड़े जाने की याचना की गई थी, जिसका कि सहायक लोक अभियोजक द्वारा विरोध करते हुए कहा गया कि थाना घनसाली से प्राप्त आख्यानुसार 27 अगस्त 2026 को अभियुक्त को रात्रि में घर के ताले तोड़कर घर में चोरी करने का प्रयास करते हुए ग्रामीणों द्वारा रंगे हाथ पकड़कर घटना में प्रयुक्त किए गए आलानकब, हैक्सा ब्लेड व टार्च के साथपुलिस को सुपुर्द किया गया था। अभियुक्त को उसके माता-पिता ने उसके गलत आचरण के चलते घर से बेदखल किया हुआ है जो कि जंगलों में अपना डेरा बनाकर खानाबदोश जीवन व्यतीत कर रहा है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने अपने आदेश में कहा है कि मामले से संबंधित समस्त प्रपत्रों के अवलोकन से प्रथम दृष्टया यह विदित होता है कि मामला संज्ञेय व गैरजमानती प्रकृति का अपराध है। सभी तथ्यों व परिस्थितियों को दृष्टिगत रखते हुए मामले के गुण-दोष पर कोई राय व्यक्त किए बिना प्रथम दृष्टया अभियुक्त को जमानत पर रिहा किए जाने का आधार पर्याप्त प्रतीत नहीं होता, इसलिए अभियुक्त सोनी उर्फ सोहन की ओर से प्रस्तुत जमानत प्रार्थना पत्र निरस्त किया जाता है।


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