नेपाल में भीषण बाढ़ में 100 लोगों की मौत, 750 लापता

नई दिल्ली। तिब्बत की सीमा से लगे मध्य नेपाल के जिलों में बुधवार सुबह अचानक आई भीषण बाढ़ ने भारी तबाही मचाई जिसमें 100 लोगों की मौत हो गई और 105 भारतीयों समेत करीब 500 लोग लापता हैं। बाढ़ से शहरों और गांवों में तबाही हुई, पुल बह गए और कम से कम एक दर्जन जलविद्युत परियोजनाएं क्षतिग्रस्त हो गईं। प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को फोन पर संवेदना और मदद की पेशकश के लिए धन्यवाद दिया है। बालेंद्र शाह ने एक्स पर लिखा कि इस कठिन समय में भारत की एकजुटता और सहायता का प्रस्ताव दोनों देशों की गहरी मित्रता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि नेपाल भारत के गर्मजोशी भरे समर्थन और सहयोग की भावना की सराहना करता है। इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने बाढ़ में जान गंवाने वालों पर शोक जताते हुए नेपाल को हर संभव मानवीय और राहत सहायता देने का भरोसा दिलाया था।
नेपाल में विनाशकारी बाढ़ के बाद लापता लोगों की संख्या लगातार बढ़ रही है। प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, सेना और पुलिस समेत कम से कम 85 सुरक्षाकर्मी अब भी संपर्क से बाहर हैं। वहीं, लापता पर्यटकों की संख्या बढ़कर 484 हो गई है। इनमें 391 विदेशी और 93 नेपाली पर्यटक शामिल हैं। स्थानीय लोगों में कितने लापता हैं, इसका अभी पता नहीं चल सका है। बाढ़ से बुनियादी ढांचे को भी भारी नुकसान हुआ है। अब तक 19 पुल क्षतिग्रस्त हुए हैं, जबकि करीब 40 किलोमीटर सड़कें बाढ़ की चपेट में आकर प्रभावित हुई हैं।
तिब्बत क्षेत्र में भी भीषण बाढ़ से भारी नुकसान की खबर सामने आई है। चीन के सरकारी प्रसारक सीसीटीवी के अनुसार, तिब्बत के ग्यिरोंग में कम से कम तीन लोगों की मौत हुई है, जबकि 265 लोग अब भी लापता हैं। ये आंकड़े शुरुआती जानकारी के आधार पर बताए गए हैं और इनका सत्यापन अभी जारी है। इससे पहले नेपाल में भोटे कोशी और त्रिशूली नदी क्षेत्र में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद बचाव दल 95 शव बरामद कर चुके हैं। दोनों देशों की सीमा से लगे क्षेत्रों में राहत और बचाव अभियान जारी है।
इस प्राकृतिक आपदा में 95 लोगों के मारे जाने की पुष्टि की गई है और 500 से अधिक लोग लापता बताए जा रहे हैं। वहीं, नेपाल टूरिज्म ने भी एक आंकड़ा साझा किया है जिसके मुताबिक 291 विदेशी पर्यटकों का पता नहीं चल पाया है और इनमें भारत के 105 नागरिक भी शामिल हैं। बाढ़ से कई जलविद्युत परियोजनाओं को नुकसान पहुंचा है।
लोकसभा सदस्य दयानिधि मारन ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर से बुधवार को नेपाल में आई भीषण बाढ़ में फंसे या लापता तमिलनाडु के करीब 50 लोग सहित भारतीय पर्यटकों को सुरक्षित निकालने और स्वदेश वापस लाने की अपील की। नेपाल के तिब्बत से सटे दो मध्यवर्ती जिलों में बुधवार तड़के अचानक आई भीषण बाढ़ से चार लोगों की मौत हो गई।

बचाव और आपातकालीन कार्रवाई में मदद के लिए नेपाल सेना के दो हेलीकॉप्टर रसुवा भेजे गए हैं। गृह मंत्री सुधन गुरुंग ने जनता और यात्रियों से प्रभावित हाईवे और नदी के रास्तों पर अनावश्यक आवाजाही से बचने का आग्रह किया है। उन्होंने भोटेकोशी और त्रिशूली नदियों के पास और मुग्लिन की ओर नीचे की तरफ रहने वाले निवासियों और पर्यटकों से भी अपील की है कि वे अगली सूचना तक पूरी तरह सतर्क रहें। नेपाल स्थित भारतीय दूतावास ने भारतीय नागरिकों के बारे में जानकारी देने के लिए इमरजेंसी हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं। दो हेल्पलाइन नंबर +9779851316807 और +9779709107500 हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.