देहरादून के दिल में बस गई ‘बेबी डू डाई डू’, दर्शकों के प्यार के आगे झुकी पूरी स्टार कास्ट

-“बेबी डू डाई डू” की सुप्रसिद्ध अदाकारा फिल्म अभिनेत्री हुमा कुरैशी मीडिया से हुईं रु-बरूह, लाखों प्रशंसकों को कहा-शुक्रिया… शुक्रिया… शुक्रिया…

देहरादून। किसी फिल्म की असली कामयाबी तब मानी जाती है, जब वह केवल पर्दे पर नहीं, बल्कि दर्शकों के दिलों में अपनी जगह बना ले। इन दिनों देहरादून में कुछ ऐसा ही नज़ारा देखने को मिल रहा है। एलोरा मेल्टिंग मोमेंट्स राजपुर रोड में हुमा कुरैशी ने अपनी खूबसूरती की छठा बिखेरते हुए मीडिया के सम्मुख अपनी इस सुप्रसिद्ध हिट हो रही फिल्म के प्रदर्शन पर बड़ी ही खूबसूरती के साथ प्रकाश डाला I उन्होंने मीडिया के सम्मुख कहा कि फिल्म ‘बेबी डू डाई डू’ पिछले एक सप्ताह से लगातार हाउसफुल शो के साथ दर्शकों के अपार स्नेह की गवाह बन रही है। हर गुजरते दिन के साथ सिनेमाघरों में उमड़ रही भीड़ ने यह साबित कर दिया कि अच्छी कहानी और सच्ची भावनाएं सीधे लोगों के दिलों तक पहुंचती हैं।

देहरादून के दर्शकों से मिले इसी अथाह प्रेम ने फिल्म की पूरी टीम को भावुक कर दिया। उन्होंने महसूस किया कि जब कोई शहर किसी कहानी को इतनी आत्मीयता से अपना ले, तो केवल धन्यवाद कहना पर्याप्त नहीं होता, बल्कि उस शहर तक स्वयं पहुंचकर उसके लोगों का आभार व्यक्त करना चाहिए। इसी भावना के साथ फिल्म के ‘इंडिया दर्शन’ अभियान के अंतर्गत अभिनेत्री हुमा कुरैशी, अभिनेता रचित सिंह, मरुधर शेखावत, निर्देशक नचिकेत सामंत और निर्माता साकिब सलीम देहरादून पहुंचे।

कलाकारों ने शहरवासियों से मुलाकात कर कहा कि दर्शकों का प्यार किसी भी पुरस्कार से कहीं अधिक बड़ा सम्मान होता है। उन्होंने कहा कि देहरादून ने जिस अपनत्व के साथ ‘बेबी डू डाई डू’ को स्वीकार किया, उसने पूरी टीम को भावुक कर दिया। यह केवल हाउसफुल शो की सफलता नहीं, बल्कि उन हजारों दिलों का विश्वास है जिन्होंने फिल्म के हर दृश्य, हर किरदार और हर भावना को अपना समझा। फिल्म की टीम ने कहा कि उनका मानना है कि सिनेमा केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि लोगों की भावनाओं को जोड़ने वाली एक मजबूत कड़ी है। जब दर्शक किसी कहानी को अपना लेते हैं, तो कलाकारों का भी कर्तव्य बनता है कि वे उस प्रेम का सम्मान करें। इसी सोच के साथ वे देहरादून आए, ताकि उस शहर को दिल से धन्यवाद कह सकें जिसने ‘बेबी डू डाई डू’ को अपनी यादों का हिस्सा बना लिया। देहरादून की गर्मजोशी, आत्मीयता और सिनेमाप्रेम ने फिल्म की इस यात्रा को अविस्मरणीय बना दिया है। कलाकारों ने कहा कि दर्शकों की तालियां, मुस्कानें और आंखों में दिखाई देने वाला अपनापन उनके लिए किसी भी ट्रॉफी से बढ़कर है। देहरादून ने केवल एक फिल्म को नहीं, बल्कि उसके पीछे छिपे जज्बातों को भी पूरे दिल से स्वीकार किया है। यही प्रेम कलाकारों के लिए सबसे बड़ी पूंजी है और यही उन्हें भविष्य में भी ऐसी कहानियां लेकर आने की प्रेरणा देता रहेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.