उत्तराखंड के हिमाच्छादित क्षेत्रों में जनगणना कार्य शुरु, प्रगणक एवं पर्यवेक्षक पूरे उत्साह से जुटे

देहरादून। मंगलवार से उत्तराखंड के हिमाच्छादित क्षेत्रों में जनगणना कार्य शुरु हो गया है। राज्य के दुर्गम एवं हिमाच्छादित क्षेत्रों में प्रशिक्षित प्रगणक एवं पर्यवेक्षक घर-घर जाकर जनगणना कार्य में जुट गए हैं। यह विशेष जनगणना अभियान उत्तराखंड के चार हिमाच्छादित जिलों चमोली, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग एवं पिथौरागढ़ के अंतर्गत आने वाले 131 हिमाच्छादित गांवों तथा 3 शहरी स्थानीय निकायों बद्रीनाथ, केदारनाथ एवं गंगोत्री में संचालित किया जा रहा है। इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य के लिए 139 प्रगणक एवं 43 पर्यवेक्षक सहित कुल 182 प्रशिक्षित कार्मिकों को तैयार किया गया है। ये कार्मिक अपने निर्धारित प्रगणना क्षेत्रों में घर-घर जाकर जनगणना संबंधी आंकड़ों का संग्रहण कर रहे हैं।
उत्तराखंड के पर्वतीय एवं हिमाच्छादित क्षेत्रों की भौगोलिक परिस्थितियां अत्यंत चुनौतीपूर्ण हैं। अनेक क्षेत्रों में दुर्गम रास्तों एवं प्रतिकूल मौसम की परिस्थितियों के बावजूद प्रगणक एवं पर्यवेक्षक पूरे उत्साह, समर्पण एवं लगन के साथ इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य को संपादित करने में जुटे हुए हैं। विशेष रूप से लगातार हो रही वर्षा के बीच भी जनगणना कार्मिक अपने निर्धारित क्षेत्रों तक पहुंचकर घर-घर जाकर कार्य कर रहे हैं। जनगणना केवल आंकड़ों का संग्रहण नहीं, बल्कि देश के प्रत्येक व्यक्ति एवं परिवार की सही एवं पूर्ण जानकारी सुनिश्चित करने का एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय अभियान है। इससे प्राप्त आंकड़े भविष्य की विकास योजनाओं, जनकल्याणकारी कार्यक्रमों एवं नीति निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
जनगणना कार्य निदेशालय, उत्तराखंड द्वारा राज्य सरकार, जिला प्रशासन एवं स्थानीय निकायों के सहयोग से इस कार्य का सुचारु एवं समयबद्ध संचालन सुनिश्चित किया जा रहा है। नागरिकों से अपील की जाती है कि वे इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें तथा घर-घर पहुंचने वाले अधिकृत प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों को सही जानकारी प्रदान कर पूर्ण सहयोग करें, ताकि जनगणना कार्य सफलतापूर्वक संपन्न हो सके। जनगणना संबंधी किसी भी जानकारी अथवा सहायता के लिए नागरिक टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1855 पर संपर्क कर सकते हैं। साथ ही, नागरिकों को सचेत किया जाता है कि जनगणना कार्य के दौरान किसी भी व्यक्ति द्वारा ओटीपी नहीं मांगा जाएगा। नागरिकों से अपील है कि वे अपना व्ज्च् अथवा अन्य संवेदनशील वित्तीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें और किसी भी संदिग्ध कॉल अथवा संदेश से सावधान रहें।

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