उत्तराखंड के सीमांत जनपदों में युवाओं एवं ग्रामीणों से संवाद कर रहे विभिन्न राज्यों के युवा स्वयंसेवक

देहरादून। मेरा युवा भारत (माय भारत), युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, आइटीबीपी तथा गृह मंत्रालय, भारत सरकार के संयुक्त तत्वावधान में सीमांत क्षेत्रों के समग्र विकास तथा युवाओं में राष्ट्र निर्माण की भावना को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से विकसित भारत वाइब्रेंट विलेज फेज-2 कार्यक्रम जारी है। जिसके अंतर्गत उत्तरकाशी के सीमांत गांव सुखी, झाल्ला एवं बगोरी में योग, मनोरंजन खेल प्रतियोगिता, ग्राम दर्शन, आपदा प्रबंधन पर विशेष सत्रों का आयोजन कराया गया। इनघ् कार्यक्रमों में अरुणाचल प्रदेश, हिमाचल प्रदेश एवं उड़ीसा के 38 युवाओं ने प्रतिभाग किया। जिससे इन युवाओं को सीमांत क्षेत्रों की सामाजिक, सांस्कृतिक एवं विकासात्मक परिस्थितियों को निकटता से जानने और समझने का अवसर प्राप्त हुआ।
प्रतिभागी गांवों में जनजागरूकता, सामुदायिक संवाद एवं विकासोन्मुख गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी कर रहे हैं। साथ ही वे स्थानीय युवाओं एवं ग्रामीणों के साथ संवाद स्थापित कर उनके अनुभवों, चुनौतियों तथा विकास संबंधी आवश्यकताओं को समझ रहे हैं। विकसित भारत वाइब्रेंट विलेज फेज-2 कार्यक्रम के तहत सभी प्रतिभागियों ने स्थानीय नागरिकों, जन प्रतिनिधियों से संवाद किया। गांव में हो रही विभिन्न प्रकार की खेती ( सेब, राजमा, आलू आदि) के बारें में जानकारी ली। प्रतिभागियों ने गांव के विद्यालयों में भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों से संवाद किया। इस दौरान प्रतिभागियों द्वारा सभी छात्र एवं छात्राओं को अपने राज्यों की भाषा, संस्कृति, खान पान के बारें में जानकारी दी गयी। साथ ही प्रतिभागियों को गढ़वाली के कुछ शब्द एवं लोक गीत के बारें में बताया गया। कार्यक्रम के अंतिम चरण में सभी प्रतिभागियों द्वारा उत्तरकाशी के सीमांत गांव सुखी गांव में सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी गई। प्रतिभागियों ने पारंपरिक लोक गीतों और लोकनृत्य के माध्यम से अपने प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की झलक पेश की गई।

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