श्रीनगर सेंट्रल जेल में हुई थी तलाशी,आतंकियों के पास से मिले मोबाइल और सिम कार्ड 5 संदिग्ध गिरफ्तार

जम्मू-कश्मीर पुलिस के काउंटर इंटेलीजेंस विंग कश्मीर ने प्रदेश की विभिन्न जेलों में औचक तलाशी ली। जेलों में बंद आतंकियों के सूचना तंत्र को बहाल रखने और उन्हें मोबाइल फोन सिम कार्ड देने के आरोप में पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। इन सभी से पूछताछ जारी है। इस मामले में आने वाले दिनों में कुछ और गिरफ्तारियों की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता।

प्रदेश की विभिन्न जेलों में बंद आतंकियों के सूचना तंत्र को बहाल रखने व उन्हें मोबाइल फोन सिम कार्ड प्रदान करने मे लिप्त पांच संदिग्ध तत्वों को जम्मू कश्मीर पुलिस के काउंटर इंटेलीजेंस विंग कश्मीर ने मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया। इन सभी से पूछताछ जारी है।
संबंधित अधिकारियों ने बताया कि विभिन्न आतंकी मामलों की जांच के दौरान काउंटर इंटेलीजेंस विंग को पता चला था कि जेलों में बंद कई आतंकियों ने न सिर्फ कश्मीर घाटी में सक्रिय आतंकियों व ओवरग्राउंड वर्करों के साथ बल्कि सीमा पार बैठे आतंकी सरगनाओं के साथ भी संपर्क बना रखा है।
जेल में बंद होने के बावजूद उनके पास मोबाइल फोन हैं और वह इनके जरिए अपने साथियों को प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में आतंकी गतिविधियों के संचालन के लिए दिशा निर्देश भी जारी करते हैं। इसके आधार पर काउंटर इंटेलीजेंस विंग ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरु कर दी।
उन्होंने बताया कि मामले की जांच के दौरान पुलिस ने श्रीनगर स्थित सेंट्रल जेल, बारामुला जिला कारावास, मट्टन स्थित जिला कारावास अनंतनाग समेत विभिन्न जेलों में औचक तलाशी ली।
इस दौरान जेल में बंद कई आंतकियों व आवेरगाउंड वर्करों से मोबाइल फोन और सिम कार्ड भी मिले। काउंटर इंटेलीजेंस विंग ने जेल में मोबाइल फोन और सिमकार्ड तस्करी किए जाने की जांच का दायरा बढ़ाया। जेल में बंद कई विचाराधीन कैदियों और आतंकियों से भी पूछताछ की गई।
इस दौरान काउंटर इंटेलीजेंस विंग ने कुछ लोगों को चिह्नित किया और उनकी गतिविधियों की निगरानी शुरु कर दी। उनके खिलाफ सभी आवश्यक सबूत जमा करने के बाद आज पांच संदिग्धों को गिरफ्तार कर लिया गया।
संबधित अधिकारियों ने हालांकि इन पांच संदिग्धों के नाम नहीं बताए हैं, लेकिन यह जरुर बताया कि इनका संबंध दाऊदपोरा अनंतनाग, कमरवारी श्रीनगर, राजबाग श्रीनगर, नथपोरा, कलूसा और बांडीपोर से है।
इन सभी से पूछताछ जारी है। यह पता लगाया जा रहा है कि यह किन तत्वों के कहने पर जेल में बंद आतंकियों व नार्को टेरर माड्यूल के सदस्यों को सिम कार्ड उपलब्ध करा रहे थे।
इसके अलावा इस मामले में इन सिम कार्ड को जारी करने वाले विभिन्न दूरसंचार सेवा प्रदाताओं (टीएसपी) के पीओएस/विक्रेताओं की भूमिका का पता लगाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस मामले में आने वाले दिनों में कुछ और गिरफ्तारियों की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता।

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