उत्तराखंड को वैश्विक पर्यटन और डेस्टिनेशन वेडिंग हब बनाने की दिशा में हुआ राष्ट्रीय मंथन

-विशेषज्ञों ने रखा एकीकृत पर्यटन विकास का विजन, ईको-टूरिज्म से लेकर वेलनेस, ग्रामीण पर्यटन और वेडिंग इंडस्ट्री तक पर बनी सहमति, सम्मेलन में दिखी ‘लघु भारत’ की जीवंत तस्वीर

देहरादून। मसूरी-देहरादून मार्ग स्थित पुनर्नवा वेलनेस रिजॉर्ट, किमाड़ी में इंटरनेशनल कन्वेन्शन ऑफ इवेंट इंडस्ट्रीज (ICEI) एवं पुनर्नवा वेलनेस रिजॉर्ट के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय ‘HINDUSTHAN 2.0 राष्ट्रीय सम्मेलन’ का समापन उत्तराखंड को वर्षभर चलने वाले ‘बहुआयामी पर्यटन राज्य’ के रूप में विकसित करने के साझा संकल्प के साथ हुआ। सम्मेलन के दूसरे दिन देश के विभिन्न राज्यों से आए पर्यटन विशेषज्ञों, वेडिंग प्लानरों, होटल एवं हॉस्पिटैलिटी उद्योग से जुड़े प्रतिनिधियों, निवेशकों और विषय विशेषज्ञों ने पर्यटन के बदलते वैश्विक स्वरूप, उत्तराखंड की संभावनाओं और भविष्य की रणनीति पर गहन विचार-विमर्श किया।

दिनभर चले तकनीकी सत्रों, विषयगत परिचर्चाओं और प्रश्नोत्तर कार्यक्रमों में विशेषज्ञों ने इस बात पर जोर दिया कि उत्तराखंड की पहचान केवल चारधाम यात्रा या मौसमी पर्यटन तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। राज्य की प्राकृतिक संपदा, हिमालयी जैव विविधता, लोक संस्कृति, पारंपरिक जीवनशैली, योग, आयुर्वेद, वेलनेस, एडवेंचर स्पोर्ट्स, ग्रामीण पर्यटन और डेस्टिनेशन वेडिंग जैसी विविध संभावनाओं को एकीकृत कर ऐसा पर्यटन मॉडल विकसित किया जा सकता है, जो पूरे वर्ष पर्यटकों को आकर्षित करने के साथ-साथ स्थानीय लोगों के लिए स्थायी रोजगार और आर्थिक समृद्धि का आधार बने। वक्ताओं का मत था कि पर्यटन विकास का केंद्र स्थानीय समुदाय होना चाहिए, जिससे गांवों तक विकास की धारा पहुंचे और पलायन जैसी चुनौतियों से भी प्रभावी ढंग से मुकाबला किया जा सके।

विशेषज्ञों ने यह भी रेखांकित किया कि पर्यटन की बढ़ती संभावनाओं के साथ पर्यावरण संरक्षण को समान महत्व देना होगा। उन्होंने प्राकृतिक संसाधनों के संतुलित उपयोग, ईको-फ्रेंडली पर्यटन अवसंरचना, स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा, डिजिटल प्रचार-प्रसार और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्तराखंड की प्रभावी ब्रांडिंग को समय की आवश्यकता बताया। विभिन्न सत्रों में प्रतिभागियों ने विशेषज्ञों से सीधे संवाद करते हुए पर्यटन निवेश, नीति निर्माण, कौशल विकास, आतिथ्य सेवाओं और वैश्विक पर्यटन बाजार में उत्तराखंड की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता से जुड़े प्रश्न भी पूछे, जिन पर विस्तृत चर्चा हुई।

‘Wed in India’ अभियान ने बढ़ाई नई संभावनाएं : डॉ. आशीष सेमवाल

सम्मेलन के समापन अवसर पर पुनर्नवा वेलनेस रिजॉर्ट के प्रबंध निदेशक डॉ. आशीष सेमवाल ने कहा कि उत्तराखंड प्रकृति की अनुपम धरोहरों से समृद्ध राज्य है और यहां अनेक ऐसे स्थल हैं जिन्हें विश्वस्तरीय ईको-टूरिज्म, वेलनेस सेंटर, एडवेंचर गतिविधियों और डेस्टिनेशन वेडिंग के रूप में विकसित किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘Wed in India’ आह्वान के बाद देश में डेस्टिनेशन वेडिंग की अवधारणा को नई पहचान मिली है और उत्तराखंड भी इस क्षेत्र में तेजी से अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रहा है। राज्य का शांत वातावरण, प्राकृतिक सौंदर्य, आध्यात्मिक विरासत और आधुनिक सुविधाएं इसे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक विशिष्ट वेडिंग डेस्टिनेशन बनने की क्षमता प्रदान करती हैं।

डॉ. सेमवाल ने कहा कि यदि सरकार, निजी क्षेत्र, पर्यटन उद्योग और स्थानीय समाज समन्वित दृष्टिकोण के साथ कार्य करें तो उत्तराखंड पर्यटन के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को प्राप्त कर सकता है। उन्होंने सम्मेलन में भाग लेने वाले सभी विशेषज्ञों, प्रतिनिधियों और आयोजकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के राष्ट्रीय विमर्श केवल विचारों का आदान-प्रदान नहीं, बल्कि भविष्य की नीतियों और ठोस कार्ययोजनाओं का आधार भी तैयार करते हैं।

देश की विविधता का सजीव प्रतिबिंब बना सम्मेलन

दो दिवसीय सम्मेलन का सबसे प्रेरक पक्ष देश के विभिन्न राज्यों से आए प्रतिभागियों की सांस्कृतिक विविधता रही। अलग-अलग भाषाएं, वेशभूषाएं, परंपराएं और कार्यसंस्कृतियां एक ही मंच पर दिखाई दीं, जिससे पूरा सम्मेलन परिसर मानो ‘लघु भारत’ का रूप लेता नजर आया। इस सांस्कृतिक समागम ने यह संदेश दिया कि भारत की विविधता उसकी सबसे बड़ी शक्ति है और पर्यटन इस विविधता को विश्व मंच पर प्रस्तुत करने का सबसे प्रभावी माध्यम बन सकता है।

सम्मेलन के समापन पर प्रतिभागियों ने उत्तराखंड को सतत, समावेशी और पर्यावरण-अनुकूल पर्यटन मॉडल के रूप में विकसित करने, स्थानीय समुदायों की भागीदारी सुनिश्चित करने तथा राज्य को वैश्विक पर्यटन और डेस्टिनेशन वेडिंग के अग्रणी केंद्र के रूप में स्थापित करने के लिए मिलकर कार्य करने का संकल्प दोहराया। कार्यक्रम में ICEI के अध्यक्ष ऋतुराज खन्ना, आईसीईआई के संस्थापक  गुंजन सिंपल, सचिव देवेंद्र शास्त्री सहित देशभर से आए वेडिंग प्लानर, पर्यटन विशेषज्ञ, होटल उद्योग के प्रतिनिधि और विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ उपस्थित रहे।

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