बाल संरक्षण अभियान के अंतर्गत 43 नाबालिगों का रेस्क्यू, अभिभावकों को दी गयी सख़्त चेतावनी एवं परामर्श

परमार्थ निकेतन क्षेत्र में दो दिवसीय संयुक्त अभियान, बाल अधिकारों की रक्षा हेतु प्रशासन सक्रिय

बचपन को श्रम से नहीं, शिक्षा और स्नेह से सजाएं: जिलाधिकारी

पौड़ी- जनपद पौड़ी गढ़वाल में परमार्थ निकेतन एवं लक्ष्मण झूला क्षेत्र में बाल श्रम और बाल अधिकारों के उल्लंघन के विरुद्ध विशेष संयुक्त अभियान चलाया गया। यह अभियान जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया के निर्देशन में जिला परिवीक्षा अधिकारी एवं जिला बाल संरक्षण अधिकारी अरविंद कुमार की अगुवाई में संपन्न हुआ। इसमें थाना लक्ष्मण झूला, मानव तस्करी विरोधी इकाई कोटद्वार, श्रीनगर तथा बाल कल्याण समिति पौड़ी की संयुक्त टीम ने सक्रिय सहभागिता निभायी।

अभियान के अंतर्गत घाटों पर फूल बेचते पाए गए कुल 43 नाबालिग बच्चों को मौके से रेस्क्यू किया गया। इनमें अधिकांश की उम्र 8 से 16 वर्ष के मध्य थी। जांच में सामने आया कि ये बच्चे प्रतिदिन घाटों पर कार्य करने भेजे जाते थे, जिससे उनकी शिक्षा बाधित हो रही थी। यह किशोर न्याय अधिनियम, 2015 एवं बाल श्रम (प्रतिषेध और विनियमन) अधिनियम का स्पष्ट उल्लंघन है।

रेस्क्यू के पश्चात सभी बच्चों को संबंधित थाने लाया गया तथा उनके अभिभावकों/संरक्षकों को बुलाकर संयुक्त परामर्श सत्र आयोजित किए गए। थानाध्यक्ष श्री संतोष पेंथवाल, मानव तस्करी विरोधी इकाई प्रभारी सुमन लता तथा बाल कल्याण समिति अध्यक्ष आर.के. चंद्रा बिडालिया द्वारा बच्चों के माता-पिता को शिक्षा के महत्व, बाल श्रम के दुष्परिणामों और कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी गयी। साथ ही उन्हें दोबारा ऐसी गलती न दोहराने की सख़्त चेतावनी भी दी गयी।

सभी बच्चों को वैधानिक प्रक्रिया के अनुसार अभिभावकों को सुपुर्द कर दिया गया, और उनकी निगरानी तथा पुनर्वास हेतु आवश्यक निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिये गये।

जिलाधिकारी ने कहा कि लक्ष्मणझूला के अंतर्गत महिला कल्याण एवं बाल विकास विभाग, बाल कल्याण समिति व संबंधित क्षेत्र के थाना द्वारा बच्चों को बालश्रम से मुक्त कराने के लिये संयुक्त रूप से अभियान चलाया गया। इसमें टीम द्वारा 43 बच्चों का रेस्क्यू करते हुये उनके माता-पिता को सौंपा गया। उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य यह है कि कम उम्र में बच्चे बालश्रम न करें। उन्होंने बताया कि रेस्क्यू किये गये बच्चों के माता-पिता को कहा गया कि उनके पठन-पाठन के लिये कोई आवश्यकता होती है तो उसके लिये जिला प्रशासन पूरी सहायता करेगा। उन्होंने उनके माता-पिता को स्पष्ट निर्देश दिये कि भविष्य में बच्चों से बालश्रम न कराया जाय। कहा कि बच्चों से बालश्रम कराया जाता है तो आवश्यक कार्रवाई की जायेगी। उन्होंने यह भी कहा कि सभी बच्चों की काउंसलिंग भी की गयी है।

जिला बाल संरक्षण अधिकारी ने कहा कि जनपद में बाल श्रम किसी भी रूप में स्वीकार नहीं किया जाएगा। भविष्य में यदि कोई व्यक्ति नाबालिग बच्चों से श्रम कराते हुए पाया गया, तो उसके विरुद्ध कठोर कानूनी कार्यवाही की जाएगी।

अभियान में मानव तस्करी विरोधी इकाई श्रीनगर से जय प्रकाश, कुंवर सिंह, चौकी मुनि की रेती से उत्तम रमोला, थाना लक्ष्मण झूला से दीक्षा सैनी, सुबर्धंन दीवान तथा पुलिस कर्मियों की सक्रिय सहभागिता रही।

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