पर्यटन मंत्री बोले भारत नेपाल के बीच है रोटी बेटी का संबंध
देहरादून। प्रदेश के पर्यटन, धर्मस्व, संस्कृति, लोक निर्माण, सिंचाई, पंचायतीराज एवं जलागम, मंत्री सतपाल महाराज ने कंचनपुर उद्योग वाणिज्य संघ द्वारा आयोजित इण्डो-नेपाल अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार मेला और पर्यटन महोत्सव 2025 के समापन कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि प्रतिभाग किया।
प्रदेश के पर्यटन, धर्मस्व, संस्कृति, लोक निर्माण, सिंचाई, पंचायतीराज एवं जलागम, मंत्री सतपाल महाराज ने गुरुवार को रेंजर्स ग्राउंड में 20 मार्च से चल रहे कंचनपुर उद्योग वाणिज्य संघ द्वारा आयोजित इण्डो-नेपाल अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार मेला और पर्यटन महोत्सव 2025 के समापन कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि प्रतिभाग करते हुए कहा कि भारत और नेपाल के बीच सदियों से रोटी और बेटी का रिश्ता रहा है। दोनों देशों के बीच आपसी भाईचारे के साथ-साथ प्रगाढ़ व्यापारिक, धार्मिक और सांस्कृतिक सम्बन्ध रहे हैं।
उन्होंने कहा कि भारत और नेपाल के मध्य पर्यटकों की आवाजाही सुनिश्चित करने के लिये फरवरी माह में महेन्द्रनगर नेपाल भ्रमण के दौरान क्षेत्रीय लोगों एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा देहरादून से काठमांडू एवं पोखरा (नेपाल) तक बस सेवा प्रारम्भ करने का अनुरोध किया था। इस सम्बन्ध में उन्होंने प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से भी अनुरोध किया है।
पर्यटन, धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री महाराज ने कहा कि भारत और नेपाल के बीच पर्यटन, आर्थिक सम्बन्धों और सांस्कृतिक आदान-प्रदान के लिये जरूरी है कि नेपाल के साथ-साथ भारत के यात्रियों के प्रवेश की प्रक्रिया को सरल बनाया जाय। उन्होंने कहा कि नेपाल पशुपतिनाथ मंदिर और भारत के श्री केदारनाथ धाम, वाराणसी, हरिद्वार और देहरादून जैसे धार्मिक स्थलों को जोड़ने वाले पर्यटन सर्किट की स्थापना से दोनों देशों के बीच पर्यटन में वृद्धि हो सकती है।
महाराज ने कहा कि पर्यटन को बढ़ावा देने के लिये दोनों देशों की बीच हवाई सेवाओं की स्थापना से यात्रा में काफी सुविधा हो सकती है। इस पर भी हमें ध्यान देने की आवश्यकता है। इस दौरान महाराज ने इण्डो-नेपाल अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार मेला और पर्यटन महोत्सव भारत और नेपाल द्वारा लगाए गए विभिन्न स्थलों का भ्रमण करने के साथ-साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों को देखा।
इस अवसर पर कंचनपुर वाणिज्य संघ के अध्यक्ष पीतांबर जोशी, वीर गोरख कल्याण समिति के अध्यक्ष कमल थापा, मेध बहादुर थापा, हेमंत कोचर, हेल्प क्रास संस्था के संस्थापक विशाल थापा, संजय सिंह, सुयश अग्रवाल एवं पंकज गुप्ता आदि मौजूद थे।