धार्मिक पर्यटन का केंद्र बनेगा कर्कटेश्वर महादेव मंदिर- रेखा आर्या

कैबिनेट मंत्री ने किया कर्कटेश्वर महादेव मंदिर के विकास कार्यों का शिलान्यास एवं भूमि पूजन

काकडीघाट/अल्मोड़ा। कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने काकड़ी घाट में स्थित कर्कटेश्वर महादेव मंदिर के विकास कार्यों का शिलान्यास एवं भूमि पूजन किया । यह विशाल जनसभा मानसखंड माला मिशन के तहत आयोजित हुई, जिसके अंतर्गत इस प्राचीन मंदिर के विकास के लिए 4.98 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया गया है। यह स्थल स्वामी विवेकानंद की तपस्थली के रूप में भी प्रसिद्ध है, जिससे इसकी ऐतिहासिक और आध्यात्मिक महत्ता और बढ़ जाती है।

इस अवसर पर आयोजित विशाल जनसभा में कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि स्वामी विवेकानंद जैसी महान विभूति से जुड़े स्थलों का संरक्षण और समग्र विकास सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि काकड़ी घाट जैसे पवित्र स्थलों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए सुनियोजित कार्य किए जा रहे हैं।

मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ बुनियादी सुविधाओं का विस्तार भी तेजी से कर रही है, जिससे श्रद्धालुओं को बेहतर अनुभव मिल सके।

रेखा आर्या ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारें आस्था और विकास को साथ लेकर आगे बढ़ रही हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में धार्मिक स्थलों के पुनरुद्धार और आधुनिकीकरण का कार्य अभूतपूर्व रूप से हो रहा है। उन्होंने कहा कि जिस तरह काशी और अयोध्या जैसे स्थलों का कायाकल्प हुआ है, उसी तर्ज पर उत्तराखंड के पौराणिक स्थलों को भी विकसित किया जा रहा है।

मंत्री ने विश्वास जताया कि इस परियोजना के पूर्ण होने से क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन को नई गति मिलेगी और स्थानीय लोगों की आजीविका के साधनों में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

कार्यक्रम में हरीश परिहार, विमला रावत, बिशन कनवाल, गोपाल दत्त सती, भुवन सिंह फर्त्याल, देवकीनंदन कांडपाल, गोपाल सिंह, देव राम, हेम बिष्ट, जानकी देवी, भुवन चंद जोशी, भोला सिंह परिहार, गोपाल राम, दीवान नेगी, त्रिलोक सिंह रावत, हीरा सिंह फर्त्याल, धर्म सिंह, हरीश, अनीता आर्या, ललित बिष्ट, वीरेंद्र सिंह, कमल राठौर, मोहन सिंह लटवाल, दीवान सिंह जलाल, कैलाश नैनवाल, महेंद्र सिंह रावत, पूरन सिंह, प्रताप सिंह बिष्ट, प्रकाश सिंह सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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