Don't Miss
Home / Crime / नौकरी के नाम पर युवतियों को ले जा रहे चार लोग गिरफ्तार

नौकरी के नाम पर युवतियों को ले जा रहे चार लोग गिरफ्तार

देहरादून। नौकरी के नाम पर दून लाकर युवतियों से गलत काम कराने वाले गैंग का पुलिस व एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग सेल ने पर्दाफाश किया है। गैंग के चार सदस्यों को गिरफ्तार कर छह पीड़िताओं को भी मुक्त कराया गया है। आरोपितों को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया है, जबकि पीड़िताओं को जरूरी पूछताछ के बाद उनके परिजनों को सौंप दिया गया है। पीड़िताओं में तीन नेपाल, दो दिल्ली व एक दून की रहने वाली हैं।

एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग सेल विकासनगर को सूचना मिली कि दिल्ली व नेपाल के रहने वाले कुछ लोग दिल्ली व हिमाचल से युवतियां लाकर देहरादून से मसूरी की ओर जा रहे हैं। इसकी सूचना तत्काल एसएसपी को दी गई। इसके बाद एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग सेल और पुलिस ने संयुक्त रूप से देहरादून-मसूरी मार्ग पर चेकिंग शुरू की।

चेकिंग के दौरान टीम को डायवर्जन तिराहे पर दो संदिग्ध कारें दिखाई दीं। उन्हें रोककर चालक से पूछताछ की गई तो एक कार के चालक ने अपना नाम राहुल सिंह चौहान पुत्र बिशंदर सिंह चौहान निवासी सर्कुलर रोड, सोनिया विहार, नई दिल्ली व कार में बैठे एक अन्य व्यक्ति ने नाम आलोक सिंह पुत्र राजबीर सिंह निवासी ग्राम मदनापुर, पोस्ट ऑफिस मदनापुर, शाहजहांपुर, उत्तर प्रदेश बताया।

दूसरी कार में बैठे लोगों की पहचान मोनू गुसाईं पुत्र नंद कुमाली निवासी ब्रह्मपुरी, पटेलनगर, दून व रोबिन पुत्र धन बहादुर निवासी पीपिंग जिला अराहाथी, नेपाल के रूप में हुई।

दोनों कारों में तीन-तीन युवतियां भी बैठी हुई थीं। युवतियों से पूछताछ में वह संतोषजनक जवाब नहीं दे सकीं। जिस पर पुलिस चारों आरोपितों को हिरासत में लेकर सभी को राजपुर थाने ले आई।

पूछताछ में पीड़िताओं ने बताया कि रोबिन उन्हें मोनू गुसाईं की कार में बैठाकर नौकरी का झांसा देकर दिल्ली से देहरादून ले आया। यहां आकर रोबिन व उसके साथियों ने उन्हें गलत काम में धकेल दिया और कम समय में अधिक पैसा कमाने का प्रलोभन दिया।

वह उन्हें मसूरी में किसी को सौंपने जा रहा था। पुलिस ने चारों आरोपितों के खिलाफ देह व्यापार अधिनियम और दुष्कर्म की धारा में मुकदमा दर्ज कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। पुलिस ने आरोपितों के कब्जे से साढ़े बारह हजार नकद व चार मोबाइल फोन भी बरामद किए। आरोपितों के वाहन सीज कर दिए गए हैं।

परिजनों के सुपुर्द की युवतियां

पुलिस ने आरोपितों के कब्जे से मुक्त छह पीड़िताओं को उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया है। युवतियों के मुताबिक वह सभी नौकरी की तलाश कर रही हैं और इसी वजह से आरोपितों के झांसे में आ गईं। अब पुलिस ने उन्हें सतर्क रहने की हिदायत देते हुए छोड़ दिया है।

About Naitik Awaj

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Scroll To Top