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दिल की बीमारी से बचना है तो बनाये इन चीजों से दूरी

बहुत सी बीमारियां बढ़ती उम्र के साथ होने लगती हैं। पिछले एक से दो दशकों में भारत में बैड लाइफस्टाइल, तनाव, एक्सरसाइज ना करने और बैड फूड हैबिट्स की वजह से लोगों को दिल संबंधित गंभीर रोग होने लगे हैं। डब्लूएचओ की रिपोर्ट के मुताबिक, दिल की बीमारियों में 1970 से 2000 के बीच 300 फीसदी बढ़ोतरी हुई है। ऐसे में आपका ये जानना बेहद जरूरी है कि दिल की बीमारी से बचने के लिए हमें किन चीजों से समय रहते दूरी बना लेनी चाहिए। आइए जानते हैं इनके बारे में

नॉन वेज के मामले में जरा संभल जाएं

लाल मांस
लाल मांस यानी कि रेड मीट में ढेर सारा सैचुरेटेड फैट, कोलेस्ट्रॉल और नमक होता है। ऐसे में लाल मांस महीने में एक बार खाने की सलाह दी जाती है।

तला हुआ चिकन
किसी भी तरह के तले-भुने खाने में भरपूर मात्रा में ट्रांस फैट पाया जाता है। यह न सिर्फ हमारी हेल्थ के लिए खतरनाक है, बल्कि हमारी कमर को जरूरत से ज्यादा चौड़ा करने के लिए भी जिम्मेदार है। इस तरह की चीजें हमारे शरीर में ऑक्सीडेंट ले आती हैं जो एंटी-ऑक्सीडेंट की दुश्मन हैं। खाने को डीप फ्राई करने के लिए गरम तेल का इस्तेमाल किया जाता है। गरम तेल भोजन के विटामिन और एंटीऑक्सीडेंट को नष्ट कर ऐसे ऑक्सीडेंट बनाता है, जिससे कोश‍िकाओं को नुकसान पहुंचता है।

आलू और मकई के चिप्स
आलू और मकई के चिप्स में भरपूर मात्रा में ट्रांस फैट, सोडियम, कार्ब्‍स और ऐसी बहुत सी चीजें पाई जाती हैं, जो आपकी सेहत और दिल के लिए बिल्कुल भी अच्छी नहीं हैं। शोधों में इस बात का खुलासा हो चुका है कि जो लोग एक दिन में 200 मिलिग्राम से ज्‍यादा सोडियम खाते हैं वो दिल की बीमारी से मरने वाले 10 लोगों में से एक होते हैं। आलू और मकई के चिप्स में सैचुरेटेड फैट होता है, जो पेट बढ़ने का सबसे बड़ा कारण है। यही नहीं, इन चिप्स में जरूरत से ज्यादा नमक होता है, जो दिल की कई बीमारियों के लिए जिम्मेदार है।

एनर्जी ड्रिंक्स से दूरी ही अच्छी

एनर्जी ड्रिंक्स में ग्वाराना और टॉराइन जैसे नैचुरल एनर्जी बूस्टर्स होते हैं। ये जब कैफीन के संपर्क में आते हैं तो आपके दिल की धड़कन एकदम से बढ़ जाती है। एनर्जी ड्रिंक्स में बहुत ज्यादा मात्रा में कैफीन होती है, जिससे अरिदम‍िया यानी कि अतालता की श‍िकायत हो सकती है। अतालता का मतलब है आपके दिल की धड़कनों की लय में परिवर्तन। जब धड़कनें बहुत तेज होती हैं, तो इसे त्रैकार्डिया (tachycardia) कहा जाता है और जब हृदय धीमी गति से धड़कता है तो इसे ब्राडीकार्डिया (bradycardia) कहते हैं. अतालता का सबसे प्रमुख लक्षण है दिल की अनियमित धड़कन।

सोडा
सोडा पीने से जलन होने के साथ ही ब्लड शुगर लेवल बढ़ सकता है। यही नहीं सोडा आर्टरी (दिल से शरीर के बाकी हिस्सों तक खून ले जाने वाली धमनी) की दीवारों पर तनाव पैदा कर दिल की बीमारी का खतरा बढ़ा देता है। रोजाना के खान-पान में सोडा का इस्तेमाल जानलेवा साबित हो सकता है।

दिल के मरीजों के लिए ठीक नहीं ब्लेंडेड कॉफी

ब्लेंडेड कॉफी में काफी मात्रा में कैलोरीज़ और फैट पाया जाता है। इसमें चीनी भी भरपूर मात्रा में होती है, जो ब्लड शुगर लेवल को बढ़ाने के लिए काफी है। यही नहीं इस तरह की कॉफी में मौजूद कैफीन भी ब्लड शुगर लेवल बढ़ा देती है और इसका सेवन खासतौर पर डायबिटीज और हार्ट पेशेंट के लिए बहुत ज्यादा हानिकारक है।

पिज्जा
पिज्जा फैट और सोडियम का घर है। इसके क्रस्ट में भरपूर मात्रा में कार्बोहाइड्रेट और सोडियम पाया जाता है। पिज्जा में मौजूद चीज इस सोडियम और फैट को और ज्यादा बढ़ाने का काम करती है। यही नहीं पिज्जा सॉस में भी जरूरत से ज्यादा सोडियम होता है। इन चीजों के सेवन से आर्टरी ब्लॉक हो सकती है। अगर आप पिज्जा के शौकीन हैं तो मैदे के बजाए गेहूं के आटे और ऑलिव ऑयल से बने क्रस्ट का इस्तेमाल करें।

त्याग दें इंस्टेंट नूडल्स का मोह

दो मिनट में बनने वाले इंस्टेंट नूडल्‍स बच्चों और बैचलर्स का पसंदीदा खाना है, लेकिन यह उन लोगों के शरीर को खासा नुकसान पहुंचाता है जो इसे आए दिन खाते हैं। इंस्टेंट नूडल्स की पैकिंग करने से पहले उन्हें डीप फ्राइड किया जाता है, जो आपके दिल के लिए तो किसी भी लिहाज से अच्छा नहीं है। यही नहीं इसमें नमक भी बहुत ज्‍यादा होता है। स्टडी के मुताबिक इंस्टेंट नूडल के एक पैकेट में 875 मिलिग्राम सोडियम पाया जाता है। यह मात्रा दिनभर के सोडियम इनटेक के बराबर है। ज्यादा नमक खाने से ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है जिससे दिल पर दबाव बढ़ने लगता है।

मार्जरीन
मार्जरीन का इस्तेमाल मक्खन के विकल्प के तौर पर किया जाता है। इसे हाइड्रोजनेटेड ऑयल से बनाया जाता है, जो ट्रांस फैट का प्रमुख स्रोत है। यह हमारे शरीर के कोलेस्ट्रॉल को बढ़ा देता है। यह न केवल हमारी दिल की सेहत के लिए हानिकारक है बल्कि यह स्किन एजिंग प्रॉसेस को तेज कर देता है। यानी कि समय से पहले हमारी त्वचा बूढ़ी होने लगती है। मार्जरीन के बजाए ऑलिव ऑयल का इस्तेमाल करना चाहिए।

चाइनीज फूड
चाइनीज फूड कैलोरी, फैट, सोडियम और कार्बोहाडड्रेट से भरपूर होता है। यह हमारे शरीर के ब्लड शुगर लेवल को लंबे समय के लिए बढ़ा देता है। यानी कि आप एक बार चाइनीज फूड खाएंगे और लंबे समय तक आपका ब्लड शुगर लेवल बढ़ा रहेगा।

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