Don't Miss
Home / उत्तराखण्ड / उत्तरांचल विश्वविद्यालय के 10 वर्ष पूर्ण, रक्तदान शिविर का आयोजन कर संविधान दिवस को बनाया अर्थपूर्ण

उत्तरांचल विश्वविद्यालय के 10 वर्ष पूर्ण, रक्तदान शिविर का आयोजन कर संविधान दिवस को बनाया अर्थपूर्ण

देहरादून : उत्तरांचल विश्वविद्यालय के लाॅ काॅलेज देहरादून में आज संविधान दिवस बड़ी धूम-धाम से मनाया गया। प्रदेश के वित्त मंत्री श्री प्रकाश पंत जी कार्यक्रम में मुख्य अतिथि थे जबकि रेड क्रास सोसाइटी, देहरादून के चेयरमैन व पूर्व विधायक रणजीत सिंह वर्मा तथा प्राइस एण्ड बकलैण्ड, भारत शाखा के निदेशक श्री नवीन थपलियाल बतौर विशिष्ट अतिथि मौजूद थे।

संविधान दिवस कार्यक्रम का शुभारम्भ विश्वविद्यालय स्थित शौर्य दीवार पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। यहाँ 21 परमवीर चक्र विजेताओं की जय-जयकार के नारे लगाये गये जिससे पूरा वातावरण देश भक्तिमय हो गया। इस अवसर पर उत्तराखंड विश्वविद्यालय द्वारा प्रकाशित लाॅ जर्नल ‘देहरादून लाॅ रिव्य’ के 10वें अंक का विमोचन किया गया। विदित हो कि ‘देहरादून लाॅ रिव्य’ विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा मान्यता प्राप्त जर्नलों में सूचिबद्ध एक देशव्यापी विख्यात जर्नल है।

इस अवसर पर परिसर में एक विशाल रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। राजधानी के 4 ब्लड बैकों महन्त इन्द्रेश ब्लड बैंक, आई0एम0ए0 ब्लड बैंक, दून अस्पताल ब्लड बैंक, तथा आॅल इण्डिया मेडिकल साइंस, ऋषिकेश ने इस शिविर में रक्त संग्रहण किया। शिविर आयोजन की जिम्मेदारी विधिक सहायता केन्द्र एवं विश्वविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना द्वारा उठाई गयी।

काॅलेज के प्राचार्य डा0 राजेश बहुगुणा ने बताया की लाॅ सहित विश्वविद्यालय की नौ संकायों के 2500 से अधिक छात्रों ने रक्तदान हेतु पंजीकरण करवाया था जिनमें से रक्त जाँच के उपरान्त प्रथम दिन 1155 छात्रों ने सफलतापूर्वक रक्तदान किया। छात्रों के अतिरिक्त बड़ी संख्या में शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने भी रक्तदान किया। इस प्रकार विश्वविद्यालय द्वारा अपने स्वयं के एक दिन में सर्वाधिक 1035 यूनिट रक्तदान के रिकार्ड को तोड़ा गया। ब्लड बैकों के द्वारा मना करने पर सैकड़ों छात्रों को निराश होना पड़ा।

विश्वविद्यालय के चांसलर श्री जितेन्द्र जोशी जी ने कहा कि संविधान दिवस के अवसर पर रक्तदान की परम्परा लाॅ काॅलेज देहरादून का एक अभिन्न अंग है। इसका उद्देश्य छात्रों में रक्तदान के प्रति जागरूकता फैलाना भी है। इसके अतिरिक्त छात्रों में त्याग बलिदान एवं देश समाज के लिए कुछ कर गुजरने की भावना का विकास करना है।

अपने सम्बोधन में माननीय मंत्री श्री प्रकाश पंत जी ने संविधान दिवस के महत्व को समझाया। उन्होनें बताया कि 26 नवम्बर का दिन संविधान दिवस के लिए चुनना अपने आप में एक विशिष्ट महत्व रखता है। 50 वर्ष पूर्व इसी दिन स्वामी विवेकानन्द जी ने अपने शिकागो धर्म सभा सम्मेलन एवं विदेश दौरे से लौटकर भारतीय धरती पर कदम रखा था एवं भारतीयांे का आह्वान किया था कि वे अपने धार्मिक एवं साम्प्रदायिक प्रतिबद्धताओं को विराम देकर भारत माता के प्रति समर्पित हों। माननीय मंत्री महोदय ने कहा कि हमारा संविधान, संविधान-निर्माताओं के अथक प्रयासों का परिणाम है जिसने हमें एक प्रभावी संघीय संरचना एवं मौलिक अधिकार प्रदान किये है । हमारे संविधान की उद्देशिका इसकी आत्मा है। उन्होनें बड़े ही सरल एवं प्रभावी ढंग से उदद्ेशिका का सार समझाया। उन्होनें कहा कि भारत का संविधान एकात्मकता व संघवाद का अनूठा संगम है एवं देशानुकुल व युगानुकुल परिवर्तन की व्यवस्था इसकी विशेषता है जो इसे विश्व के अन्य संविधानों से पृथक करती है।

 

About Naitik Awaj

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Scroll To Top