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लॉर्ड्स की हार का बदला लेने उतरेगी भारतीय टीम

नई दिल्ली: वेस्टइंडीज में जारी महिला टी-20 विश्व कप के फाइनल में जगह बनाने के लिए भारतीय महिला टीम शुक्रवार को इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे सेमीफाइनल में भिड़ेगी. अगर भारतीय कप्तान हरमनप्रीत एंड कंपनी सेमीफाइनल में इंग्लैंड को हरा देती है तो पहली बार भारतीय टीम इस प्रारूप के फाइनल में जगह बना पाने में कामयाब होगी. वहीं भारत 2017 के ODI विश्व कप फाइनल में इंग्लैंड के हाथों मिली हार की कड़वी यादों को खत्म कर उस हार का बदला लेने की कोशिश भी करेगा.

इंग्लैंड ने 50 ओवरों के विश्व कप के रोमांचक फाइनल में भारतीय टीम को नौ रन से हराया था. इस टूर्नामेंट से हालांकि भारत में महिला क्रिकेट के एक नए युग की शुरुआत हुई.

भारत ने 2010 के बाद से पहली बार टी-20 विश्व कप सेमीफाइनल में जगह बनाई है. अब हरमनप्रीत कौर की कप्तानी वाली भारतीय टीम की कोशिश इस मौके को भुनाते हुए पहली बार फाइनल में प्रवेश कर खिताब अपने नाम करने की होगी.

भारतीय टीम के प्रदर्शन को देखते हुए लग रहा है कि उसका विजेता बनना संभव भी है. भारतीय महिला टीम ने भी विश्व टी-20 में अब तक अपने प्रशंसकों को निराश नहीं किया तथा अजेय रहते हुए सेमीफाइनल में जगह बनाई. भारत ने न्यूजीलैंड की मजबूत टीम को 34 रन से और फिर ऑस्ट्रेलिया को 48 रन से हराया और ग्रुप स्टेज में टॉप पर खत्म किया. बल्लेबाजी में भारत को थोड़ी चिंता है क्योंकि ऊपरी क्रम के अलावा अभी तक चारों मैच में मध्यक्रम और निचला क्रम विफल रहा है.

मिताली राज, हरमनप्रीत कौर और स्मृति मंधाना के अलावा भारत की कोई और बल्लेबाज अपने रंग में नहीं दिखी. जेमिमा रोड्रिगेज ने इन तीनों के अलावा पहले मैच में अच्छी पारी खेली थी, लेकिन उसके बाद वह लय भटक गई. अहम मैच से पहले भारत को अपने निचले क्रम और मध्यक्रम को मजबूत करने की जरूरत है. वहीं अगर गेंदबाजी की बात की जाए तो भारत की स्पिन गेंदबाजों ने अभी तक हर टीम की नाक में दम किया है. पूनम यादव, राधा यादव, दीप्ती शर्मा, अनुजा पाटिल ने हर मैच में अपनी फिरकी का दम दिखाया है.

वहीं इंग्लैंड की टीम को आखिरी मैच में वेस्टइंडीज के हाथों हार का सामना करना पड़ा. इंग्लैंड की बात की जाए तो कप्तान हीथर नाइट का बल्ला शांत रहना टीम की सबसे बड़ी चिंता है. वहीं टैमी बेयुमोंट भी बड़ी पारी खेलने में असफल रही हैं. इन दोनों से टीम प्रबंधन को उम्मीद होगी भारत के खिलाफ एक अहम मैच में इनके बल्ले की जंग खत्म हो.

हरफनमौला खिलाड़ी नताली स्क्राइबर ने गेंद से तो अच्छा योगदान दिया है, लेकिन उनका बल्ला नहीं चला है. टीम की तीन अहम बल्लेबाजों का ऑउट ऑफ फॉर्म होना इंग्लैंड के लिए चिंता का सबब है. गेंदबाजी में अन्या श्रूबसोले बीते दो मैच में शानदार प्रदर्शन किया है. उन्होंने दक्षिण अफ्रीका और वेस्टइंडीज के खिलाफ तीन-तीन विकेट अपने नाम किए थे. इंग्लैंड की गेंदबाजी इनके साथ बेयुमोंट पर काफी निर्भर करेगी.

इंग्लैंड के खिलाफ भारत अपनी सबसे अनुभवी खिलाड़ी मिताली को अंतिम एकादश में रखेगा. उन्हें ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अंतिम लीग मैच में विश्राम दिया गया था. आयरलैंड के खिलाफ क्षेत्ररक्षण के दौरान वह चोटिल हो गई थीं. उन्हें स्पिनर अनुजा पाटिल की जगह टीम में रखा जाएगा.

मिताली का शीर्ष क्रम में प्रदर्शन काफी अहम साबित होगा. रमेश पोवार की कोचिंग में टीम का एक तेज गेंदबाज के साथ खेलने की रणनीति अब तक कारगर साबित हुई है क्योंकि भारतीय स्पिनरों ने अपनी भूमिका अच्छी तरह से निभाई है.

इंग्लैंड का ध्यान अपने तेज गेंदबाजी आक्रमण पर रहेगा जिसमें अन्या श्रबसोले (सात विकेट) और नताली साइवर (चार विकेट) शामिल हैं. इन दोनों ने काफी कसी हुई गेंदबाजी की है तथा बांग्लादेश और दक्षिण अफ्रीका को 100 रन तक भी नहीं पहुंचने दिया. बल्लेबाजी में डेनी वॉट (तीन मैचों में 28 रन) और कप्तान हीथर नाइट (तीन मैचों में 31 रन) को अभी तक खास मौका नहीं मिला है.

आपको बता दें कि भारत ने एक भी बार टी-20 विश्व कप का फाइनल नहीं खेला है और टीम इस बार यह इतिहास रचने के लिए प्रतिबद्ध दिख रही है. वहीं इंग्लैंड 2009 में आयोजित विश्व कप के पहले संस्करण का खिताब अपने नाम कर चुकी है जबकि 2012 और 2014 में दो बार उसे आस्ट्रेलिया ने खिताब जीतने से रोक दिया था.

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