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कांग्रेस की पूर्व मेयर मुक्ता सिंह व उनके पति गिरफ्तार

रूद्रपुर। कांग्रेस की पूर्व प्रदेश प्रवक्ता, पीसीसी सदस्य व मेयर पद प्रत्याशी मुक्ता सिंह व पति रविंदर सिंह को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। मुक्ता सिंह सहित परिवार के पांच सदस्यों पर दहेज उत्पीडऩ का केस दर्ज किया गया था। बेटे की पत्नी ने मुक्ता व परिवार पर दहेज में 50 लाख रुपये और एंडेवर कार न देने के विरोध में दो बार गर्भपात कराने का आरोप लगाया था। गिरफ्तारी का नोटिस मिलने पर कोतवाली पुलिस ने मुक्ता व पति को गिरफ्तार कर लिया है। यहां बता दें कि मुक्ता सिंह के पिता चौधरी समरपाल सिंह उत्तर प्रदेश में कांग्रेस सरकार में सहकारिता मंत्री रहे। उस समय उत्तराखंड उत्तर प्रदेश से अलग नहीं हुआ था। वह राज्य मंत्री भी रह चुके हैं7

कोतवाली क्षेत्र के गिरीताल रोड निवासी प्रियंका पुत्री महेश वर्मा ने आठ नवंबर 2017 को महिला हेल्पलाइन में प्रार्थना-पत्र देकर कहा था कि उसकी शादी चार दिसंबर 2011 को हिंदू रीति-रिवाज के साथ कुंडेश्वरी निवासी शशांक सिंह पुत्र रविंदर सिंह उर्फ रवि सिंह से हुई थी। इस दौरान पिता ने सामर्थ्य के अनुसार आइ20 कार और पूरा दान दहेज दिया। शादी के कुछ समय तक सब ठीक रहा। उसके बाद ससुरालियों ने उसे दहेज के लिए प्रताडि़त करना शुरू कर दिया।

इस दौरान ससुरालियों ने दहेज में 50 लाख रुपये और एंडेवर कार की मांग की। इतनी बड़ी डिमांड पूरी न करने पर पति शशांक, ससुर रविंदर सिंह, सास मुक्ता सिंह, जेठ अनुराग व जेठानी दीपाली ने मारना पीटना शुरू कर दिया। इसके बाद मई 2015 में वह मायके आ गई। आरोप लगाया था कि इस बीच सास मुक्ता सिंह ने पीडि़ता का दो बार गर्भपात भी करा दिया था। मायके आने के बाद सात नवंबर 2017 को घर पर एक पंचायत आहूत की गई। जिसमें पति, सास, ससुर, जेठ, जेठानी सहित आदि लोग पहुंचे।

इस दौरान दहेज देने में असमर्थता जताने पर आरोपित आक्रोशित हो गए। उन्होंने दहेज साथ लेकर आने पर ही ससुराल में आने को कहा था। दहेज ना लाने पर जान से मारने की धमकी दी। महिला हेल्पलाइन में काउंसलिंग के बाद मामला फेमिली वेलफेयर कोर्ट में चला। दोनों जगहों की रिपोर्ट लगने के बाद 28 सितंबर को कोतवाली में पांचों आरोपितों के खिलाफ धारा केस दर्ज किया गया था। इसके बाद जांच अधिकारी (आइओ) ने मामले की जांच की। जिसमें उन्होंने बेटा शशांक को दोषी पाते हुए 41 के नोटिस की कार्रवाई की थी। बाकी परिवार के सभी सदस्यों को निर्दोष पाया था। इसके बाद एसएसपी के आदेश पर मामले का जांच अधिकारी जयप्रकाश को बनाया गया। कोतवाल चंचल शर्मा ने बताया कि आइओ ने जांच में मुक्ता सिंह, पति रविंदर सिंह व बेटा शशांक को दोषी पाया था, जबकि जेठ अनुराग और जेठानी दीपाली को निर्दोष पाया।

आइओ की जांच के बाद मुक्ता और रविंदर के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया। गुरुवार को दोनों की गिरफ्तारी के लिए दो टीमें गठित की गईं। कोतवाल शर्मा के निर्देशन में एक टीम ने मुक्ता के कुंडेश्वरी स्थित आवास पहुंचकर पति रविंदर को गिरफ्तार किया। जबकि मुक्ता को काशीपुर से कुंडेश्वरी जाते समय आरटीओ ऑफिस के पास से गिरफ्तार कर लिया। शशांक के खिलाफ 41 का नोटिस तामील होने की वजह से उसकी गिरफ्तारी नहीं की गई है।

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